एक तरफा प्यार की कहानी कभी खत्म नहीं होती, यह बस दिल के कोनों में चुपचाप धड़कती रहती है। यही एक तरफा प्यार की कहानी अर्जुन की भी थी—जो उम्र के साथ बदली, पर दिल से कभी नहीं गई। इस एक तरफा प्यार की कहानी की शुरुआत उस दिन हुई जब उसने पहली बार आराध्या को देखा था।
एक तरफा इश्क – दस साल बाद लौटी वही मुस्कान
एक तरफा प्यार की कहानी, जो दिल के किसी शांत कोने में दबी रहती है, उसे मिटने में सालों नहीं, उम्र लग जाती है। यही एक तरफा इश्क अर्जुन की भी थी—जो 10वीं क्लास के बाद ज़िंदगी के हर मोड़ पर बदल गई, पर उसका प्यार नहीं बदला।
ज़िंदगी कॉलेज, नए दोस्त और नए सपनों की तरफ बढ़ गई, लेकिन एक तरफा इश्क उसी डायरी के पन्नों में जिंदा रह गई — उसी नाम के साथ…
आराध्या।
सोशल मीडिया से शुरू हुई पुरानी धड़कन
एक दिन लाइब्रेरी में बैठा-बैठा अर्जुन बोर हो गया। उसने इंस्टाग्राम खोला और अचानक एक पुराने दोस्त की स्टोरी में वही चेहरा दिखा…
आराध्या — अधूरा प्यार का असली कारण।
उसका यूज़रनेम था — aaradhya_smiles
वही आँखें, वही मासूम मुस्कान।
दिल सच में एक पल के लिए रुक गया।
अब वह एक प्यारी-सी टीचर बन चुकी थी।
आठ साल बाद पहली चैट
काफी हिम्मत करके अर्जुन ने सिर्फ इतना लिखा:
“Hi Aaradhya… याद है स्कूल?”
कुछ घंटों बाद जवाब आया—
“अर्जुन? ओ माय गॉड! कहाँ था तू इतने साल?”
उस रात अर्जुन की एक तरफा इश्क फिर से धड़क उठी।
दोबारा मिलना — दोस्त बनकर
कुछ दिनों की बातें, पुरानी यादें और फिर एक दिन…
“कभी मिलना चाहिए…”
कैफे का प्लान बना।
वो आई — थोड़ी बदल चुकी थी, पर उसकी मुस्कान में अब भी वही जादू था।
कॉफी, हँसी, शरारतें, स्कूल की बातें… सब कुछ जैसे फिर से लौट आया।
दिल का सच आखिर बाहर आ ही गया
नदी किनारे बैठकर अर्जुन ने धीरे से कहा—
“आराध्या… मैं स्कूल टाइम से तुझसे प्यार करता था।”
वो चौंकी नहीं।
सिर्फ मुस्कुराई—
“मुझे पता था अर्जुन…”
यहाँ एक तरफा प्यार की कहानी ने अपनी सबसे खूबसूरत खामोशी बोली।
लेकिन किस्मत के पास दूसरी कहानी
अर्जुन ने पूछा—
“अब भी कुछ बदल सकता है?”
आराध्या की आँखें हल्की भीगीं—
“मेरी सगाई हो चुकी है अर्जुन… लड़का अच्छा है। और मैं खुश हूँ।”
दिल टूट गया…
लेकिन उसने मुस्कान को चेहरे पर रहने दिया।
आखिरी मुलाकात
जाने से पहले उसने अर्जुन की वो पुरानी डायरी माँगी —
वही डायरी जिसमें एक तरफा इश्क के सारे पन्ने थे।
अर्जुन ने बिना सोचे दे दी।
वो उसका हक था।
एक तरफा प्यार की कहानी – अधूरी पर अमर
आज भी अर्जुन नदी किनारे बैठता है, हवा में वह हँसी सुनाई देती है।
उसकी बातें अब भी दिल में गूंजती हैं।
एक तरफा प्यार की कहानी कभी खत्म नहीं होती।
वह बस याद बनकर दिल में बस जाती है —
धीरे-धीरे, चुपचाप, हमेशा के लिए।समय बीतता गया, पर अर्जुन की एक तरफा प्यार की कहानी वहीं की वहीं रह गई। उसने ज़िंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश की—नई नौकरी, नए लोग, और नई ज़िम्मेदारियाँ।
लेकिन दिल का एक कोना आज भी उसी मुस्कान के नाम लिखी डायरी की तरह बंद पड़ा था।
कभी-कभी वो वही नदी किनारा ढूंढ लेता जहाँ उनकी आखिरी मुलाकात हुई थी। हवा अब भी वही फुसफुसाहट लेकर आती थी—जैसे आराध्या अपनी धीमी मुस्कान से कह रही हो,
“अर्जुन… कुछ प्यार कहानी नहीं, दुआ बनकर जीते हैं।”
इस एक तरफा प्यार की कहानी ने उसे सिखाया कि हर प्यार को मंज़िल नहीं मिलती,
लेकिन हर प्यार दिल में अपनी जगह बना लेता है।
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Very nice story
Thank you